मस्तक पर विष्णु चरण: बलि की भक्ति का शिखर

प्रजापति कश्यप की दो पत्नियाँ थीं—दिति और अदिति। अदिति से देवताओं का जन्म हुआ और दिति से दैत्यों का। यही कारण था कि देव...

गुरु-भक्ति की अनुपम मिसाल

महर्षि अगस्त्य के शिष्य सुतीक्ष्ण गुरु-आश्रम में रहकर विद्याध्ययन कर रहे थे। शिक्षा पूर्ण होने पर एक दिन गुरुदेव ने स्नेहपूर्वक कहा—“बेटा! तुम्हारा अध्ययन...

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मृत्यु से पहले मिलने वाले संकेत: आस्था, शास्त्र और जनमानस की मान्यताएँ

भारतीय सनातन परंपरा में जीवन और मृत्यु को केवल एक शारीरिक घटना नहीं, बल्कि आत्मा की यात्रा का एक चरण माना गया है। प्राचीन...

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