देश को मजबूत करने के लिए पहले समाज को मजबूत होना पडेगाः पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ

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राष्ट्र का विरोध बर्दास्त नहीं: कुलश्रेष्ठ

राष्ट्र का विरोध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा: पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ

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लखनऊ। हमारे मूल में अगर कुछ है तो वह राष्ट्र है और राष्ट्र के अलावा कुछ नहीं। सरकार का विरोध करना जायज है, जो लोग सरकार का विरोध करते-करते देश का विरोध करते हैं, राष्ट्र का विरोध करते हैं वह ध्यान रखें और गलत फहमी में न रहें। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। ये बात राष्ट्रवादी विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कही।वह आज  श्रीमदभगवद्  गीता  जयंती के उपलक्ष्य में जन उद्घोष सेवा संस्थान की ओर से आयोजित जनसंख्या नियंत्रण कानून व धर्म परिवर्तन पर रोक, वृहद बौद्धिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।  उन्होंने अपने संबोधन में राजनीतिक दलों की भूमिका से लेकर राष्ट्रवादी विचारधारा के खिलाफ उठने वाली आवाजों पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि जिसे राजनीतिक दलों का विरोध करना है तो शौक से करें लेकिन भारत में राष्ट्र का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने ने उन मुस्लिम नेताओं को जम कर लताड़ते हुए कहा कि कुछ सत्ता के लालची मुस्लिम नेता अपनी ही कौम के लोगों को बरगला और भड़का रहे हैं। जो किसी भी लिहाज से देश के हित में नहीं है।  राजनैतिक भारत के साथ-साथ सांस्कृतिक भारत की व्याख्या की और देश में सांस्कृतिक भारत के उत्थान के लिए आग्रह किया।
अपने डेढ़ घंटे के भाषण के दौरान उन्होंने कश्मीर में धारा 370 व 35ए हटाए जाने के मामले को भी उठाते हुए कहा कि यह फैसला भी कांग्रेस ने पहले ही कर दिया था लेकिन उसे लागू करने का साहस वह नहीं कर सकी। इस सरकार इसे लागू कर दिया है। अब विपक्षी लोग क्यूं दूसरे समुदाय को भड़का रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश हित में पूर्व में लिए गए निर्णयों की सराहना की। आगे उन्होंने कहा  कि देश को मजबूत करने के लिए पहले समाज को मजबूत होना पडेगा। सरकारें तो बदलती रहती है लेकिन समाज नहीं बदलता है। समाज को अपनी समस्याओं को सरकार के सामने प्रस्तुत करना होगा। हिन्दुत्व को मजबूत करने के लिए समाज को मजबूत  करना और आगे आने की आवश्यकता  है।  सरकारों का विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन राष्ट्र के विरोध का अधिकार किसी को नहीं है। आजादी के समय एक वर्ग ने दबाव बनाकर धारा 370 बनवाई थी, जिसे हटाने का विरोध आज भी उन्हीं कुछ पार्टियों की नस्लें कर रही ।
सर्वोच्च  न्यायलय के  वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने अपने सम्बोधन में कहा कि हिन्दुओं की सम्पतियों को कानून से वापस लिया जायेगा। काशी आंदोलन जल्दी शुरू होगा। जन उद्घोष सेवा संस्थान के अध्यक्ष  कुलदीप तिवारी ने आए हुए  सभी अतिथियों का  स्वागत करते हुए कहा  कि संस्थान गत अनेेक वर्षो से जनसंख्या नियंत्रण कानून व धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने तथा जन जागरण, समाज को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक रूप से सुदृढ़ करने तथा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार करने में  प्रखरता से कार्यरत है।   सम्मेलन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के कैबिनेट कानून मंत्री बृजेश पाठक, मुख्य वक्ता प्रखर राष्ट्रवादी महान विचारक पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ तथा अयोध्या आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाहन करने और अब मथुरा आंदोलन की नींव रखने वाले सर्वोच्च न्यायलय के वरिष्ठ अधिवकता हरिशंकर जैन एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु जैन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता  जन उद्घोष सेवा संस्थान केअध्यक्ष कुलदीप तिवारी  ने की।
सम्मेलन में राज्यमंत्री सुधाकर त्रिपाठी, संगठन सचिव प्रवीण कंचन  सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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