बिहार में तीसरे और अंतिम चरण की 78 सीट: 57 प्रतिशत मताधिकार का प्रयोग

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पटना। बिहार में तीसरे और अंतिम चरण की 78 सीट के साथ ही विधानसभा के सभी 243 निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया और आखिरी चरण में सबसे अधिक करीब 57 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

सत्रहवीं बिहार विधानसभा के लिए राज्य में इस बार तीन चरण में मतदान कराया गया। 28 अक्टूबर को सोलह जिले के 71 विधानसभा क्षेत्र में हुए प्रथम चरण के मतदान में 55.59 प्रतिशत और दूसरे चरण में 03 नवंबर को 17 जिले के 94 विधानसभा क्षेत्र के मतदान में 55.70 प्रतिशत वोट पड़े। तीसरे और आखिरी चरण के चुनाव में अंतिम समाचार मिलने तक करीब 57 प्रतिशत वोटरों ने मतदान में हिस्सा लिया है। कुछ मतदान केंद्रों में शाम छह बजे के पहले जो मतदाता कतार में लग गए थे वहां अभी भी वोटिंग का कार्य जारी है और कुछ दूरदराज के इलाके से मतदान का आंकड़ा प्राप्त नहीं हुआ है।कोरोना काल में देश का पहला चुनाव बिहार में तीन चरण में संपन्न कराया गया। निर्वाचन आयोग की ओर से मतदानकर्मियों और मतदाताओं को संक्रमण से बचाने के लिए सभी बूथ पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। तीन चरण में संपन्न विधानसभा चुनाव में कुल मतदाताओं की कुल संख्या सात करोड़ 36 लाख 49 हजार 313 थी, वहीं 3732 उम्मीदवारों ने चुनावी अखाड़े में ताल ठोका। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के उद्देश्य से इस बार के चुनाव में कुल एक लाख छह हजार 515 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
इस तरह 28 अक्टूबर 2020 को संपन्न प्रथम चरण के मतदान में 55.69 प्रतिशत मतदाताओं ने 31371 बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर 1066, तीन नवंबर को दूसरे चरण के मतदान में 55.70 प्रतिशत वोटरों ने 41362 बूथ पर वोटिंग कर 1462 प्रत्याशी तथा 07 नवंबर को तीसरे एवं अंतिम चरण के चुनाव में करीब 57 प्रतिशत मतदाताओं ने 33782 मतदान केंद्र पर वोट गिराकर 1204 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद कर दिया है, जिसे 10 नवंबर को खोला जाएगा और सभी 3732 प्रत्याशियों को उनके भाग्य का पता चल जाएगा।
इस विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सबसे अधिक 144 उम्मीदवार खड़े किए। इसके बाद लोक जनशक्ति पार्टी ने 135, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने 115, भारतीय जनता पार्टी ने 109, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने 99, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 81, बहुजन समाज पार्टी ने 76, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने छह, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने चार, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी ने आठ तथा 1301 निर्दलीय प्रत्याशियों ने ताल ठोका है।

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