सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में गूंजे बोल बम बम

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लखनऊ। सावन की पहली सुबह बारिश के बीच शिव भक्तों ने सावन के पहले सोमवार को भोलेनाथ के दर्शन किए। इस बार करोना महामारी के कारण लोग भोलेनाथ का अभिषेक श्रृंगार नहीं कर पाए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दो गज की दूरी से ही भोले को प्रसन्न करने के लिए अपनी आस्था व भक्ति व्यक्त की।डालीगंज के मनकामेश्वर मन्दिर मे भोर से ही लम्बी कतारें लग चुकी थी। भोर में महंत देव्या गिरि ने की आरती की, पगडी श्रंगार हुआ। उसके बाद दर्शन के लिए पट खोले गए। इस बार करोना के चलते भक्तों को मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। गर्भग्रह के बाहर एक रुद्राभिषेक हुआ और लोगों ने दर्शन किए। गर्भ ग्रह के बाहर मन्दिर में खास अरघा बनावाया गया, जिसकी मदद से बाहर से जलाभिषेक भक्तो ने किया। मंदिर के आसपास का इलाका बोल बम बम, ओम नमः शिवाय के जयकारों से गूंज रहा था। सुबह बारिश के दौरान भी भक्तों का उत्साह देखने वाला था। बारिश के बीच बड़ी संख्या में भक्त हाथों में लिए गंगाजल, वेल पत्र, प्रसाद लिए शिव की भक्ति में लीन थे। इस बार दर्शन में थर्मल स्कैनर, हैंड सैनिटाइजर, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। डालीगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष गुप्ता की ओर से निशुल्क गंगाजल का वितरण किया गया।

महाकाल मन्दिर
राजेंद्रनगर के महाकाल मंदिर में 9 फुट की दूरी से भक्तों ने एक पाइप के सहारे जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में जाने वाले प्रत्येक भक्तों को सेनीटाइजर वाले लगे पंखे से होकर जाने दिया। भोर में भस्म आरती में गोले में खडे होकर दर्शन किए हैं। सुबह और दोपर मे बाबा का रुद्राभिषेक हुआ। शाम को बाबा का भांग से श्रंगार किया गया। चैक के कोतवालेश्वर मन्दिर मे 11 ज्योत की भव्य आरती हुई। बाद मे रूद्राभिषेक हुआ।

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सदर मे बाहर से हुए दर्शन

सदर के द्वादश ज्योतिर्लिंग धाम मे भोलेनाथ के दर्शन बाहर से ही सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए कराये गये। मंदिर के आलोक सिंघल ने बताया कि शीघ्र ही भोलेनाथ पर जल चढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि सात आठ दिन में मखनिया माहौल कंटेनमेंट जोन से बाहर हो जाता है तो मंदिर के अंदर से दर्शन कराए जा सकते हैं।

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