उच्च अधिकारी शहीद सीओ के पत्र का संज्ञान लेते तो बच सकती थी पुलिस वालों की जान!

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मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र द्वारा मार्च में कानपुर के तत्‍कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतदेव तिवारी को चौबेपुर के थानेदार और दुर्दान्त विकास दुबे के संबंधों पर लिखी गयी चिठ्ठी का संज्ञान लिया गया होता तो शायद पुलिसकर्मियों की इतनी बड़ी शहादत बच सकती थी।

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शिवली और चौबेपुर थाने में ऐसे कई पुलिसकर्मी तैनात थे, जो कानून से ज्यादा विकास दूबे के वफादार थे। इसीलिये  बीते गुरुवार की रात मोस्टवांटेड विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश देने वाली पुलिस टीम में थाने में तैनात दरोगा केके शर्मा नहीं थे, जबकि वह पिछले चार महीने से इसी क्षेत्र के बीट प्रभारी रहे। साथ ही थाने में तैनात दरोगा कुंवर पाल भी काफी समय तक बिकरु गांव के बीट प्रभारी रह चुके थे। गांव की गलियों व मोस्टवांटेड के घर की लोकेशन की जानकारी इन्हीं दोनों दरोगा को थी। आखिर दबिश के दौरान ये दोनों कहां थे, इसकी जांच की जा रही है। इनकी लोकेशन जानन के के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है। अब तक की जानकारी के अनुसार केके शर्मा की विकास दुबे से शाम चार बजे फोन से बात हुई थी। जिसमे विकास द्वारा दरोगा को धमकी देने के साथ एसओ को भी धमकी दी गई थी। कहा गया था कि एसओ को बता दे। इस पर दरोगा केके शर्मा ने एसओ को जानकारी दी थी।

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जिस समय पुलिस टीम ने दबिश दी। उस समय केके शर्मा दूसरे दरोगा की बीट में तातियागंज में मौजूद थे। पूरी जांच के बाद लापरवाही बरतने पर दरोगा केके शर्मा व दरोगा कुँवर पाल एवं सिपाही राजू को एसएसपी ने निलम्बित कर दिया है। लॉकडाउन में शिवली बार्डर पर बिकरु गांव के मोड़ के पास सीमा सील की गई थी। जहां दरोगा केके शर्मा के साथ पुलिस बल तैनात था। इन तीन महीने लॉकडाउन में बार्डर पर तैनात चौबेपुर पुलिस के लिए खाना मोस्टवांटेड विकास के घर में ही बनता था। हर फरमाइश पूरी होती थी। जो पुलिसकर्मी नॉनवेज के शौकीन थे उनके लिए विकास की टीम में शामिल मदारीपुरवा के राम सिंह के घर पर दावत होती थी। पुलिस टीम पर हमला करने वालो में रामसिंह भी नामजद हैं।सोमवार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने थाना चौबेपुर, कानपुर में घटित घटना के संबंध में डीजीपी यूपी एचसी अवस्थी को पत्र भेज कर तत्कालीन एसएसपी कानपुर नगर अनंत देव पर कार्रवाई किये जाने की मांग की है। अमिताभ ने शहीद सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्र द्वारा तत्कालीन एसएसपी कानपुर नगर को भेजे गए एक पत्र के आधार पर कहा है कि इस पत्र में स्व० देवेन्द्र मिश्र ने अनंत देव को साफ़ तौर पर बताया था कि पूर्व थानाध्यक्ष चौबेपुर विनय तिवारी का विकास दुबे के पास आना जाना व वार्ता करना बना हुआ है। इस पत्र में देवेन्द्र मिश्र ने कहा कि दिनांक 13 मार्च 2020 को थाना चौबेपुर में अभियुक्त विकास दुबे व अन्य के विरुद्ध दर्ज मु०अ०स० 65/2020 धारा 386, 147, 148, 323, 504, 506 आईपीसी के विवेचक अजहर इशरत ने धारा 386 आईपीसी को कतिपय बेबुनियाद आधारों पर हटा दिया था। देवेन्द्र मिश्र द्वारा पूछताछ करने पर विवेचक ने बताया कि उन्होंने विनय तिवारी के कहने पर ऐसा किया था। देवेन्द्र मिश्र ने एसएसपी कानपुर नगर को इस पर कार्रवाई की संस्तुति की थी। अमिताभ ने कहा कि इस स्पष्ट पत्र के बाद भी अनंत देव द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जाना घोर प्रशासनिक कदाचार है और वे भी इस जघन्य घटना के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी हैं। उन्होंने डीजीपी से इस पत्र में अंकित तथ्यों की जाँच कराते हुए समुचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

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