
यहां पर एक्यूआई 293 माइक्रोग्राम दर्ज की गई है। केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड की मानीटरिंग में देश के प्रदूषित शहरों में लखनऊ 13वें स्थान पर है। वाराणसी की हवा भी इतनी ही प्रदूषित है। बीते 28 अक्तूबर तक लखनऊ की हवा बहुत खराब श्रेणी में थी। उस दिन एक्यूआई 326 माइक्रोग्राम रिकार्ड हुई थी। लेकिन अगले दिन यानी 29 अक्तूबर से गिरावट आनी शुरू हो गई। हवा की गुणवत्ता का रंग लाल से नारंगी में पहुंच गई।एक्यूआई घटकर 270 माइक्रोग्राम पहुंच गई। 30 अक्तूबर को इसमें और गिरावट हुई और एक्यूआई 219 माइक्रोग्राम रिकार्ड हुई है। इसके बाद से इजाफ होना शुरू हो गया। अगले दिन 31 अक्तूबर को एक्यूआई 226 माइक्रोग्राम रिकार्ड हुआ। लेकिन एक नवम्बर को इसमें तेजी से इजाफ हुआ। एक्यूआई 92 प्वाइंट बढ़कर 318 माइक्रोग्राम पहुंच गया। हालांकि सोमवार को मामूली कमी हुई है। छह प्वाइंट की गिरावट के साथ एक्यूआई312 माइक्रोग्राम रिकार्ड की गई है। तालकटोरा में औद्योगिक इकाइयों व लालबाग क्षेत्र में सीवर लाइन के काम ने दोनों इलाकों की हवा को बहुत खराब कर दिया है। आनलाइन मानीटरिंग में तालकटोरा सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा। यहां पर एक्यूआई 370 माइक्रोग्राम रिकार्ड हुई है। वहीं लालबाग क्षेत्र महज तीन प्वाइंट पीछे है। यहां पर एक्यूआइ 367 माइक्रोग्राम दर्ज की गई है। इसके अलावा अलीगंज की हवा भी लाल निशान पर पहुंच गई है। यहां पर एक्यूआई 309 माइक्रोग्राम दर्ज हुई है। गोमतीनगर क्षेत्र में सबसे कम प्रदूषण रिकार्ड हुआ है। यहां पर एक्यूआई 232 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है।