प्रमादी नामक संवत्सर चल रहा है । इस संवत्सर के राजा बुध है । जिसके कारण प्रजा को रोग से अधिक ही पीडा महसूस होगी । रात 2:35 बजे बुध मेष राशि में प्रवेश करेंगे । जहां उच्च के सूर्य के साथ काल पुरुष के कुण्डली में लग्न में बुधादित्य योग बनायेंगे । बुध अस्त हैं,जो 13 मई को उदय होंगे । काल पुरुष के कर्म स्थान में मंगल, शनि, गुरु की युति हैं । मंगल शनि की युति जिस भाव में होती है, तथा जिस भाव को देखते हैं उसका नाश करते हैं । गुरु नीच होकर मंगल को अशुभ प्रभाव दे रहा है ।

लग्न के बाद को जन्म कुंडली का महत्व पूर्ण भाव माना जाता है । जो मन का है हमारे शरीर में मन पाॅच इन्द्रियों को प्रभावित करता है । इस भाव से मानसिक बीमारियों को भी देखा जाता है । व्यक्ति जीवन का आनन्द तभी ले सकता है जब उनकी मानसिक स्थिति ठीक होगी । अन्यथा सारे सुख साधन महत्व हीन हो जाते हैं । चौथे भाव से मन में भय, छाती का कैंसर, वहम की बीमारी, खांसी व निमोनिया, डिप्रेशन आदि देखते हैं । काल पुरुष की कुण्डली में यह भाव मंगल की नीच दृष्टि, शनि की शत्रु वत दृष्टि चन्द्रमा की कर्क राशि में है ,जो जल तत्व राशि भी है । अतः चतुर्थभाव से संबंधित बीमारियों से हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पीडित है ।
मंगल के 4 मईको राशि परिवर्तन करने से शनि के साथ युति समाप्त हो जायेगी ,जिसके साथ ही कोरोना की समस्या से निजात मिलना शुरू हो जायेगा । उसके बाद बुध का 9 मई को शुक्रके साथ युति होगा । 11 मई को शनि वक्री होंगे । 13 मई को शुक्र और 14 मई को गुरु वक्री होंगे । इसके बाद सभी कार्य धीरे धीरे पुनः शुरू हो जायेगा । कालसर्प दोष की स्थिति बनी हुई है जो 16 जुलाई तक रहेगा ।जिस कारण सभी ग्रह मिश् केतु से पीडित है । 23 सितम्बर को राहु के राशि परिवर्तन के साथ ही कोरोना से मुक्ति मिल सकती है ।
प्रस्तुति : धीरेंद्र पांडेय, प्रख्यात ज्योतिषाचार्य, मोबाइल नंबर:945०4477००, ०9919388388
ज्योतिष ।
जन्मकुण्डली विशेषज्ञ।
वास्तु शास्त्री।
जन्मकुण्डली एवं प्रश्न कुंडली द्वारा भविष्य फल एवं समस्याओ का उपाय ।
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