मीरजापुर। श्रीराम मंदिर निर्माण में हर हिंदू की सहभागिता की योजना बनाई गई है। वैसे तो मंदिर निर्माण के लिए लोग सहर्ष धन खर्च करने को तैयार हैं। लेकिन संगठन ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक परिवार से दस रुपये की राशि मंदिर निर्माण के लिए ली जाए जिससे उन्हें भी मंदिर निर्माण में सहयोगी बनने का गौरव प्राप्त हो। दुनिया पांच अगस्त को उत्तर प्रदेश के गौरवशाली क्षण का एहसास करेगी। पांच सौ वर्ष बाद वह शुभ घड़ी आएगी, जिसका हिन्दू समाज को बेसब्री से इंतजार था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए आधारशिला रखते ही अयोध्या ही नहीं पूरा उत्तर प्रदेश भगवामय नजर आएगा और दीपोत्सव जैसा माहौल दिखेगा।
विंध्यवासियों ने प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर पांच अगस्त को कोरोना संकट के मद्देनजर घर पर ही रहकर दीपोत्सव मनाने का निर्णय लिया है। साथ ही भगवान श्रीराम की आरती कर श्रीराम जयराम, जय-जय राम महामंत्र की जाप कर खुशियां मनाएंगे। इस दौरान कोरोना के गाइडलाइन का भी पालन करना होगा।
विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष रामचंद्र शुक्ल ने बताया कि यह अपार खुशी का समय है। श्रीराम मंदिर आंदोलन में लाखों लोगों ने बलिदान दिया है। सन् 1984 से इस आंदोलन में लगे हैं। हमारे जीवनकाल में ही प्रभु श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। दीपावली बिन अयोध्या की कल्पना से नहीं हो सकती, इसलिए संगठन की ओर से मिले निर्देश के तहत पांच अगस्त को हर घर पर दीपक जलाया जाएगा। साथ ही भगवान राम की आरती कर श्रीाराम जयराम, जय-जय राम महामंत्र के 13 माला की जाप कर खुशियां मनाई जाएगी।
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