2022 के विधानसभा चुनाव………ये है सबका साथ-सबका विकास!

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2022 के विधानसभा चुनाव में योगी सरकार का गान करने के लिये मीडिया ने 20 में 11 ब्राह्मण चेहरे उतारे!

यूपी भाजपा की मीडिया टीम, 2022 का विधानसभा चुनाव देखते हुये सभी वर्ग को खास कर पिछड़ों और दलितों में बहुत उत्साह है।फिर भी कुछ लोग कह रहे हैं कि मीडिया प्रभारी वर्ग में एक भी दलित और पिछड़ा प्रभारी न बनाने से पार्टी की किरकिरी हो रही है। विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में जाने वालों से यह सवाल हो सकता है कि कितने दलित और पिछड़े आपके मीडिया प्रभारी वर्ग में जिम्मेदारी पाये हैं। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाले दल के 15 प्रवक्ताओं में 8 ब्राह्मण, एक ठाकुर समीर सिंह, एक कायस्थ, दो दलित साक्षी दिवाकर और जुगुल किशोर, तीन पिछड़ा अनिला सिंह, आलोक वर्मा और महमेघा नागर को स्थान मिला है। सबका साथ-सबका विकास। क्षेत्रवार देखेंगे तो प्रवक्ताओं में अवध क्षेत्र का दबदबा है। इस क्षेत्र के 8 लोग समायोजित हुये हैं। उसके बाद पश्चिम क्षेत्र का स्थान है। यहां कांग्रेसी पृष्ठभूमि से आये बुलंदशहर के पंडित प्रशान्त वशिष्ठ 2007 में बुलंदशहर की अनूपशहर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ कर जमानत जप्त करवा चुके हैं। उसके बाद इनकी माता जी भी नगरपालिका का चुनाव कांग्रेस से लड़ी लेकिन हार गयीं। पिछले नगरपालिका के चुनाव में इनके भी की पत्नी को भाजपा ने लड़ाया तब से यह लोग भाजपा के संपर्क में आ गये। खाटी भाजपाई परिवार से एडवोकेट साक्षी दिवाकर लखनऊ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। इसके पहले पश्चिम क्षेत्र में महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष थीं। धोबी समाज से आने वाली साक्षी को हाल में सम्पन्न हुये जिला पंचायत चुनाव में भाजपा ने चुनाव लड़ाया था।ये योगी सरकार की राज्य मंत्री गुलाबो देवी की बेटी हैं। विद्यार्थी परिषद से निकल कर आयी गूजर महमेघा नागर नया चेहरा है। 2017-18 में दिल्ली विश्वविद्यालय की सचिव रही हैं। दिल्ली में 20 हजार छात्राओं का सफल मैराथन आयोजित किया था। विद्यार्थी परिषद के आईटी सेल में राष्ट्रीय सह संयोजिका का दायित्व निभा चुकी हैं।20 वर्ष तक लगातार पत्रकारिता कर रहे आलोक वर्मा को भाजपा में नयी जिम्मेदारी मिली है।कहा जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर अपनी जाति का प्रतिनिधित्व मीडिया टीम में समायोजित किया है। वैसे इस स्थान पर एक निष्ठावान यादव कार्यकर्ता के नाम की चर्चा थी।लेकिन अंतिम क्षणों में अध्यक्ष ने अपनी जाति को भरवा दिया।तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग प्रशिक्षित संजय चौधरी को पहली बार में प्रवक्ता बनाया गया है। राष्ट्रवाद में गहरी पैठ रखने वाले चौधरी किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनके मनोनयन से भाजपा की मीडिया टीम संवृद्ध हुई है। स्वर्गीय लालजी टंडन के सहयोगी बन कर काम करने वाले चौधरी अपने परिश्रम और समर्पण के कारण न सिर्फ पुत्रवत पहचान बनाने में कामयाब रहे बल्कि वह बाबू जी के सबसे विश्वसनीय सलाहकार बन गये थे।गम्भीर संजय चौधरी को प्रवक्ता बना कर पार्टी ने कोई ऐहसान नहीं किया।अभी तक के उनके अनुभव को देखते हुये यह माना जा रहा है कि वह जब भी जरूरत पड़ेगी अपने विषय में पार्टी के लिये संकटमोचक बनेंगे। पुराने प्रवक्ताओं पर अभी कोई प्रकाश नहीं डाला गया है।यह तात्कालिक समीक्षा है, और जानकारी मिलने पर इसमें संसोधन भी हो सकता है।

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