bauddh teerth anuraadhaapur ( shreelanka ): yahaan bodhivrksh kee pooja badee shraddha hotee hai अनुराधापुर ( श्रीलंका ): भारत से बाहर सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण बौद्धतीर्थ श्रीलंका में है, जो अनुराधापुर के नाम से विख्यात है। सदियों तक श्रीलंका की राजधानी रहने वाले इस नगर की स्थापना राजा पांडुक अभय ने की थी। बाद में ईसा पूर्व तीसरी सदी में महाप्रतापी राजा देवानाम तिसा ने इस नगर का विस्तार किया और अनेक बौद्ध मंदिरों तथा बौद्ध विहारों का शिलान्यास किया था। भारत के मगध सम्राट अशोक महान् ने राजकुमारी संघमित्रा तथा राजकुमार महेंद्र को बोधिवृक्ष ( पीपल ) की शाखा के साथ लंका भेजा था, जो यहां पल्लवित हुआ और विशाल वृक्ष के रूप में मौजूद है। इस पवित्र बोधिवृक्ष की पूजा बड़ी श्रद्धा भावना के साथ की जाती है। यह स्थल और मंदिर अनुराधापुर का प्रमुख स्थान है। इसके अलावा अनुराधापुर के मुख्य धार्मिक स्थलों में व्रजनमहल, रुबानवेलसिया, थुपरमा, जेठवन और अभयवन उल्लेखनीय हैं।

श्रीलंका में स्थित प्राचीनतम स्तूप थुपरमा है। इस विशाल स्तूप में भगवान बुद्ध की अस्थि ( स्कंध भाग ) रखी है, जिसे पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना ) से लाकर राजकुमार महेंद्र ने स्थापित किया था। अब इस श्वेत धवल भव्य स्तूप का विस्तार किया गया है और यह एक मुख्य दर्शनीय स्थल बन गया है। अनुराधापुर की स्थिति उत्तरी श्रीलंका के मध्य भाग में पहाड़ी इलाके के बीच में है। यहां पहुंचने के लिए रेल तथा सड़क मार्ग की सुविधा है। भोजन तथा निवास के लिए अच्छे होटल तथा यात्री- निवास सुलभ हैं।