ज्ञान यज्ञ ही युगधर्म है : उमानंद शर्मा

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गायत्री ज्ञान मंदिर का ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत फिरोज गाँधी डिग्री कालेज, रायबरेली के पुस्तकालय में 333वां युगऋषि सम्पूर्ण वाङ्मय साहित्य की स्थापना

गायत्री ज्ञान मंदिर का ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत फिरोज गाँधी डिग्री कालेज, रायबरेली के पुस्तकालय में 333वां युगऋषि सम्पूर्ण वाङ्मय साहित्य की स्थापना

गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत फिरोज गाँधी डिग्री कालेज, रायबरेली के पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का वांड़मय साहित्य की स्थापित किया गया।

उपरोक्त यह वाङ्मय साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गायत्री ज्ञान मंदिर इन्दिरा नगर के सक्रिय कार्यकर्ती श्रीमती रेखा सिंह ने अपनी पुत्री सुश्री शिवा सिंह के जन्मदिन के अवसर पर उज्जवल भविष्य की कामना में संस्थान के पुस्तकालय को भेंट की।

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इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा वाङ्मय साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “ज्ञान यज्ञ ही युगधर्म है”। इसमें सभी जीवित जाग्रत आत्माओं को भाग लेना चाहिये।

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