kusheenagar : yahaan bhagavaan buddh ne tyaaga shareerकुशीनगर: यह स्थल उत्तर प्रदेश में है, जहां अस्सी वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात् भगवान बुद्ध ने शरीर त्याग किया था और यहीं पर उनका दाह संस्कार किया गया था। पुराने समय में यह स्थल प्रसिद्ध नहीं था, पर वर्तमान में इसका अत्यधिक महत्त्व हो गया है, क्योंकि यह एक प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल माना जाने लगा है। यहां का मुख्य मंदिर महापरिनिर्वाण मंदिर ही है, जहां बुद्ध ने शरीर त्यागा था। यहां पर भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा स्थापित है। इसकी खोज सन् 1876 में हुई , जिसे देख कर बुद्ध के अनुयायी अत्यधिक प्रसन्न हुए थे। यहां प्रतिवर्ष हजारों यात्री इनके दर्शन हेतु पधारते हैं।
महापरिनिर्वाण मंदिर के अतिरिक्त भी दर्शनीय स्थल
माता कुंवर मंदिर : यहां पर बुद्ध की एक प्रतिमा स्थापित है, जो दर्शनीय है।
मुक्तबंधन स्तूप : यह एक बड़ा स्तूप माला अनुयाइयों ने बनाया है, जिसमें दाह संस्कार के पश्चात् अस्थियां आदि सुरक्षित रखी जाती हैं।
रामभर स्तूप : यह एक स्थल है, जहां भगवान बुद्ध का अंतिम संस्कार किया गया था और इनके अवशेषों को आठ भागों में विभाजित किया गया है। वर्तमान समय में विदेशियों ने भी यहां बुद्ध की याद में अनेक बड़े – बड़े मंदिर निर्मित किए हैं। यह स्थान गोरखपुर से 62 किलोमीटर दूर है और यहीं पर हवाई अड्डा भी है। यह एक रेलवे स्टेशन भी है, जो लखनऊ , बनारस आदि से सीधा जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख नगरों से यह स्थान सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है।
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