कांग्रेस के अस्तित्व को बचाने का बीड़ा उठा सकते हैं प्रशांत किशोर

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कांग्रेस में चल रहा मंथन
पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने के बाद कांग्रेस आलाकमान की कुंभकर्णी नींद टूटी है। अगले लोकसभा चुनाव को लेकर कमर कसनी शुरू कर दी है। आलाकमान की बेचैनी अब साफ-साफ नजर आने लगी है। कांग्रेस की कमान संभालने वाली सोनिया गांधी ने अब इस ओर मंथन शुरू कर दिया है।

वैसे तो कांग्रेस का देश से सूपड़ा साफ होना करीब-करीब तय हो चुका है लेकिन कांग्रेस की कर्ताधर्ता की भूमिका निभाने वाली सोनिया गांधी को भी अब इस बात का अहसास हो गया है। इसके पीछे की कहानी यह बताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की दुर्दशा ने कांग्रेस सुप्रीमो को सबसे ज्यादा बेचैन किया है, क्योंकि यहां पर कांग्रेस की ओर प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव में उतरी थी और मरणासन्न कांग्रेस में प्राण फूंकने की कोशिश की थी। यह बात इस लिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का जादू देश में लम्बे समय से नहीं चल सका था, ऐसे में कांग्रेस का एक वर्ग उम्मीद करता था कि प्रियंका गांधी का जादू देश व प्रदेश में जरूर चलेगा। कांग्रेस के उस वर्ग का भ्रम भी इस चुनाव में टूट गया, रही सही उम्मीद भी जाती रही।

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ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को लगा तो आगामी चुनाव में कांग्रेस अपनी रही सही सीटें में भी खो देगी। पतन की यही रफ्तार रही तो कोई बड़ी बात नहीं आने वाले दशकों में कांग्रेस देश प्रमुख विपक्ष तो दूर की कौड़ी है, राष्टï्रीय पार्टी होने के गौरव को भी नहीं बचा पाएगी। यूपी समेत पांच राज्यों में हुए चुनावों में मिली कांग्रेस को करारी हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व अब संगठन को दोबारा खड़ा करने के लिए बाध्य हुआ है। उसे इस बात का अहसास हो गया है कि अब नहीं चेते तो कांग्रेस का अस्तित्व इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। इस भय के चलते अब कांग्रेस नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के लिए विख्यात रणनीतिकार प्रशांत से उम्मीद कर रहा है।

उसके बताये हुए रास्तों पर चल कर अपने अस्तित्व को बचाने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर एक के बाद एक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रशांत किशोर की तारीफ की है। दिल्ली पहुंचने के बाद सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि प्रशांत किशोर देश में एक ब्रांड बन गया है। प्रशांत किशोर को कई राज्यों में काम करने का अनुभव है. प्रशांत किशोर एक एजेंसी के रूप में देश भर में काम करते हैं, जो प्रोफेशनल एजेंसीज से काम लेते रहते हैं। विपक्ष को एकजुट करने में प्रशांत किशोर काम कर रहे हैं।

इधर, राजस्थान के विधानसभा चुनाव होने में एक साल बचे हैं, इससे पहले अशोक गहलोत द्वारा प्रशांत किशोर की तारीफ करना इस बात का संकेत है कि उनकी कांग्रेस में जल्द एन्ट्री हो सकती है। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश बहुत गलत दिशा में जा रहा है। हिंदू-मुस्लिम और धर्म के नाम पर खतरनाक राजनीति हो रही है। बीजेपी वाले हिंसा के आधार पर राजनीति कर रहे हैं। यह गांधी का देश है जहां पर आपसी भाईचारा प्रेम का माहौल होना चाहिए। जबकि यह लोग जानबूझकर हिंसा को बढ़ावा देने वाले लोग हैं, नफरत फैलाते हैं और इनका राष्ट्रवाद और हिंदुत्व केवल चुनाव जीतने के लिए ही सीमित है।

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