शादी हो या धार्मिक संस्कार, धार्मिक अनुष्ठानों में पांच फलों के अर्पण का विधान है। पांच फल ही क्यों अर्पित किए जाते हैं, अगर आपको यह जानने की उत्सुकता है तो हम आपको इसका तर्कसंगत कारण बता रहे हैं।

सनातन धर्म, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत है, ऐसे मे वैदिक ज्ञान के अतुल्य भंडार को जन-जन पहुंचाने के लिए धन बल व जन बल की आवश्यकता होती है, चूंकि हम किसी प्रकार के कॉरपोरेट व सरकार के दबाव या सहयोग से मुक्त हैं, ऐसे में आवश्यक है कि आप सब के छोटे-छोटे सहयोग के जरिये हम इस साहसी व पुनीत कार्य को मूर्त रूप दे सकें।
सनातन जन डॉट कॉम में आर्थिक सहयोग करके सनातन धर्म के प्रसार में सहयोग करें।